Manish Kashyap In Jail: यूट्यूबर मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी रविवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिये गए. इसके पहले शनिवार की देर रात तक उससे पूछताछ की गई. आर्थिक अपराध इकाई की विशेष टीम की पूछताछ में कई राज सामने आये है. बेतिया में सरेंडर करने वाला युट्यूबर मनीष कश्यप फिलहाल ईओयू की रिमांड (Manish Kashyap On Three Days Remand Of EOU) पर है. उससे तमिलनाडु मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है. गुरुवार सुबह तक के लिए उसकी कस्टडी एक बार फिर बढ़ा दी गई है. पिछले दिनों उसने आर्थिक अपराध इकाई और स्थानीय पुलिस की बढ़ती दबिश के बाद बेतिया के जगदीशपुर थाने में आत्मसमर्पण किया था. जिसके बाद उसे जांच टीम पटना लेकर आई गई थी.
आर्थिक अपराध इकाई की विशेष टीम की पूछताछ में कई राज सामने आये है. ईओयू की एक टीम ने आरोपित के यू-ट्यूब चैनल के बोरिंग रोड स्थित कार्यालय में छापेमारी की, जहां से कुछ डिजिटल साक्ष्यों को जब्त भी किया गया है.
तीन दिनों की रिमांड पर मनीष कश्यप:
यूट्यूबर मनीष कश्यप पर तमिलनाडु हिंसा का फर्जी वीडियो बनाने और उसे पोस्ट करने का आरोप है. उसके खिलाफ पटना में जहां आर्थिक अपराध इकाई ने केस दर्ज किया था. वहीं, तमिलनाडु में भी वहां की स्थानीय पुलिस ने कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी. मनीष के सरेंडर करने के बाद तमिलनाडु की पुलिस भी पटना आकर उससे पूछताछ की थी.
पूछताछ में मनीष का खुलासा:
सूत्र बताते हैं कि आर्थिक अपराध इकाई की पूछताछ में मनीष ने कई अहम खुलासे किए हैं. उसने बताया कि वह कई बड़े राजनेताओं के संपर्क में था. उन्हीं सफेदपोशों की मदद से वह लगातार ठिकाना बदल रहा था. बीजेपी और जेडीयू के नेताओं से मदद मिलने की बात उसने स्वीकारी है. साथ ही उसने माना है कि तमिलनाडु मामले में उससे गलती हुई. इस बीच उसका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह फफक-फफक कर रोता दिख रहा था.