छपरा। अक्सर सुनने को मिलता है कि भूमि विवाद को लेकर कहीं मारपीट और हत्या तक हो जाती है तो बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी भूमि विवाद को अपराध में वृद्धि का एक बड़ा कारण बता चुके हैं। अगर इस दौर में गांव-जवार के प्रबुद्ध जन मिलजुलकर किसी पुराने भूमि विवाद को सिर्फ बातचीत कर सलटा दें तो यह बड़ी बात कही जाएगी। सारण जिला के मशरक में कुछ ऐसा ही हुआ है, जहां दो परिवारों के बीच चल रहे काफी पुराने भूमि विवाद को गांव के प्रबुद्धजनों ने मिल-बैठकर सुलझा लिया है।
जानकारी के अनुसार मशरक थाना क्षेत्र के पचरूखवा गांव में वर्षों से चलें आ रहे जमीनी विवाद को प्रबुद्ध लोगों ने स्थानीय थाना के एक पुलिस अधिकारी अरूण प्रकाश की उपस्थिति में बैठक कर सुलझा लिया है। स्थानीय सरपंच रामबाबू सिंह, मुखिया प्रतिनिधि संतोष परमार और सामाजिक कार्यकर्ता इम्तेयाज खान उर्फ चुन्नू बाबू की मौजूदगी में मामले का समाधान किया गया।
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मशरक थाना क्षेत्र के पचरूखवा गांव निवासी वकील सिंह, पिता ध्रुव नारायण सिंह और संजय सिंह, पिता कपिलदेव सिंह के बीच वर्षों से जमीनी विवाद चल रहा था। इस विवाद के कारण ही बीते सप्ताह श्राद्ध कर्म के दौरान उपयोग की गई जूठी पत्तल पड़ोसी के जमीन पर पर फेंकने को लेकर मारपीट भी हो गई थी, जिसमें एक शख्स घायल हो गया था। इसकी स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामलेे में गांव के प्रबुद्ध लोगों ने दोनों पक्षों के बीच समझौते की पेशकश रखी। जिस पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाकर सरपंच की मौजूदगी में समझौता करा दिया गया।
वहीं मारपीट के मामले में दोनों पक्षों द्वारा निर्णय लिया गया कि कोर्ट में सुलह कर लिया जाएगा। इसके बाद विवादित जमीन पर दोनों पक्षों के बीच बटवारा की कागजी कार्रवाई कर दी गई। जिससे दोनों पक्षों में वर्षों से चला आ रहे विवाद का अंत हो गया।