यूपी: भोजपुरी में अश्लीलता का करें विरोध, विश्व भोजपुरी सम्मेलन ने की अपील

उत्तरप्रदेश ताज़ा खबर
SHARE

सेंट्रल डेस्क। विश्व भोजपुरी सम्मेलन (गाजियाबाद इकाई) के तत्वावधान में सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय पर भोजपुरी गीतों में अश्लील सोच का उपयोग कर गीत लिखने वाले उसे संगीत देने वाले तथा उसे स्वर देने वाले लोगों के विरोध में एक विमर्श का आयोजन किया गया। इस आयोजन को भोजपुरी की साहित्यिक मासिक पत्रिका ‘भोजपुरी साहित्य सरिता’ और पाक्षिक समाचार पत्र अशोक प्रहरी का साहचर्य प्राप्त था।

आयोजन में प्रमुख रूप से सुभास पार्टी के संस्थापक सतेन्द्र यादव, विजय कुमार चौबे(पूर्व अपर सचिव भारत सरकार), बहुचर्चित फिल्म मेकर कमलेश कुमार मिश्रा, समाजसेवी बिहारी भइया, भोजपुरी गायक बिमल भोजपुरिया, जितेंद्र उपाध्याय, गुंजन श्रीवास्तव, श्रीमती मोनी वैदेही ने मुख्य रूप से विचार रखे।

कार्यक्रम में आए अतिथियों का विश्व भोजपुरी सम्मेलन (गाजियाबाद इकाई) के महामंत्री जे पी द्विवेदी ने माल्यार्पण, प्रतीक चिन्ह और अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत किया। वक्ताओं ने कहा कि जो भोजपुरी भाषा अपने समृद्ध गीत,संगीत और मधुरता के लिए जानी जाती है उसे चंद लोगों द्वारा विद्रुप बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जो निंदनीय है। इसे लेकर वक्ताओं ने अपना आक्रोश प्रकट किया।

यह भी पढ़ें‘गंगा जल’ से बनाई कोरोना की वैक्सीन,क्लिनिकल ट्रायल की अनुमति के लिए पहुंचा कोर्ट

विमर्श को आगे बढ़ते हुए वक्ताओं ने कहा कि भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के नामचीन नायकों ने जिस फूहड़ता के सहारे वहाँ अपनी एक जगह बनाई,उसने इस ट्रेंड को बल दिया, वह भी भोजपुरी में वर्तमान अश्लीलता का एक बड़ा कारण है। कुकुरमुत्ते की तरह अश्लील लेखक,गायक और स्टुडियो पैदा हो गए हैं। जिसके फलस्वरूप आजके भोजपुरी गीतों को परिवार के साथ सुन पाना असंभव हो चुका है।

वक्ताओं ने अश्लीलता के कारण महिलाओं को हो रही समस्या को उठाते हुए कहा गाँवों में लड़कियों और महिलाओं का बाहर निकलना दुष्कर हो चुका है। पढ़ा-लिखा इलीट वर्ग इससे दूरी बना चुका है। उन्होंने कहा कि जरूरत है अपनी भाषा के लिए सभी में अस्मिता बोध जागृत करने की और जब भी, जहां भी मिलें, अपनी मातृभाषा में मिलें। अश्लील गायकों और गीतकारों का सामाजिक बहिस्कार करें, उन्हे अपने किसी भी कार्यक्रम में शिरकत न करने दें। अगर ऐसे लोगों को कोई भी बुला रहा है तो अपना विरोध दर्ज कराएं और उस कार्यक्रम को सम्पन्न न होने दें।

इससे पहले कार्यक्रम का आगाज करते हुये कमलेश के मिश्रा ने नए तकनीक के दुरुपयोग को अश्लीलता का एक प्रमुख कारण बताया और श्लील गायक गायिकाओं द्वारा गाये जाने वाले गीतों को बढ़ावा देने की बात कही। बिहारी बाबू ने इस कार्यक्रम के लिए अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव को शुभकामनायें दी और इस मुहिम से जुड़कर इसे जमीन पर उतारने की बात कही। विजय कुमार चौबे(पूर्व अपर सचिव भारत सरकार) ने पूर्व वक्ताओं के विचारों से अपनी सहमति जताते हुये श्लील गीत-संगीत और गायकी को आगे लेकर आने की बात कही।

यह भी पढ़ेंसीएम योगी आदित्यनाथ के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य के घर जाने के क्या हो सकते हैं निहितार्थ!

वहीं सुभास पार्टी के संस्थापक सतेन्द्र यादव ने भोजपुरी भाषा को वेदों से जोड़ते हुये प्राकृतिक संगीत को सुनने और उसे जीवन में उतारने की बात कही। साथ ही अपनी पार्टी का इस मुहिम को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया। जन मोर्चा के सम्पादक जितेंद्र बच्चन ने अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव के प्रति आभार जताते हुये भोजपुरी भाषा की अस्मिता के लिए सभी को उठ खड़ा होने का आह्वान किया। भोजपुरी में अश्लीलता के प्रखर विरोधी और भोजपुरी साहित्य सरिता के संपादक जे पी द्विवेदी ने इस बात भोजपुरी में बहुत मजबूती के साथ रखा और लोगों को मातृभाषा भोजपुरी के प्रति गर्व करने और उसे अपनी अस्मिता की पहचान बताते हुये पूर्ण संकल्प के साथ अश्लीलता का हर स्तर पर मुखर विरोध करने का आह्वान किया। उन्होने यह भी कहा कि जिन तकनीक का उपयोग कर यह अश्लीलता फैलाई जा रही है, उसी तकनीक से इसे रोकना होगा।

बी एम वर्मा ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में इस मुहिम की भूरि -भूरि प्रसंसा की । कार्यक्रम में मुख्य रूप से सुजीत तिवारी, अनिल सिन्हा, विनोद अकेला,जे पी यादव,श्रीमती अर्चना शर्मा, अनूप पाण्डेय, श्रीमती वर्मा,कमल बाबू,सुनील दत्त, विनोद यादव,अभिनंदन तिवारी, अनिल मिश्रा, निर्भय श्रीवास्तव, शैलेंद्र श्रीवास्तव, श्यामवीर सिंह यादव आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन विश्व भोजपुरी सम्मेलन(गाजियाबाद इकाई) के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव और धन्यवाद ज्ञापन महामंत्री जे पी द्विवेदी ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *