छपरा। छात्र संगठन आर एस ए के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक आज गुरुवार को स्थानीय कार्यालय में हुई। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर फारूक अली के कार्यकाल में शैक्षणिक भ्रष्टाचार हो रहा है। छात्र नेताओं ने कहा कि 71 करोड़ से अधिक के वित्तीय लेनदेन को लेकर कुलपति के वित्तीय निर्णय एवं नीतिगत निर्णय पर फिलहाल राजभवन द्वारा रोक लगाई गई है।
आरएसए के नेताओं ने कहा कि इस कारण विश्वविद्यालय में छात्र हित का कार्य नहीं हो पा रहा है। उन्होंने मांग किया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति की तरह जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति को भी लंबी छुट्टी पर भेज दिया जाए एवं किसी अन्य को कुलपति का प्रभार दिया जाए, ताकि छात्र हित में कार्य प्रारंभ हो सके। उन्होंने कहा कि पैट,स्नातक,स्नातकोत्तर एमबीए, बी टेक समेत अन्य परीक्षाओं का आयोजन नहीं हो पा रहा है।
हालांकि अभी कोरोना की वजह से राज्य सरकार द्वारा ही किसी भी प्रकार की परीक्षा के आयोजन और फिजिकल वर्ग संचालन पर रोक लगा दी गई है। छात्र नेताओं ने कहा कि वैसे ही सत्र पहले से ही विलंब चल रहा है, शोध कार्य पूर्णत: ठप हो गया है। पीजीआरसी की बैठक नही हो रही है, स्नातकोत्तर विभाग सेमिनार, सिम्पोजियम का आयोजन नहीं करा पा रहे, जिसके चलते दो वर्ष से थेसिस जमा नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि वर्तमान कुलपति के कार्यकाल को अभी कुछ ही माह हुए हैं।
छात्र नेताओं ने कहा कि धीरे-धीरे विश्वविद्यालय की जमीन पर अवैध कब्जा हो रहा है। कुलपति के आए हुए 3 माह ही हुए थे, तब तक इनके वित्तीय पावर एवं नीतिगत निर्णय पर राजभवन के द्वारा रोक लगा दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में तो कुलपति को नैतिकता के आधार पर ही इस्तीफा दे देना चाहिए था। राजभवन को छात्र हित में तुरन्त फैसला लेना चाहिए। छात्र नेताओं ने कहा कि जल्द से जल्द कमेटी से जांच करा कर जो भी दोषी है उस पर करवाई की जाय, अन्यथा संगठन प्रवेश, पढ़ाई ,परीक्षा एवं परिणाम को ठीक करने के लिए बड़ा आंदोलन करेगा।
मीडिया से वार्ता करने वालों में प्रमुख रूप से विवेक कुमार विजय, संयोजक प्रमेन्द्र सिंह कुशवाहा, छात्र संघ सचिव पूनम कुमारी, कॉउंसिल मेंबर अर्पित राज गोलू आदि उपस्थित थे।