Lakhimpur Kheri Incidence: (बिहारी खबर)। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) में हुए बवाल के दौरान किसानों (Farmers) की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों व किसानों व प्रशासन के बीच समझौता हो गया है। राज्य की योगी सरकार ने ऐलान किया है कि प्रत्येक पीड़ित परिवार को 45-45 लाख रुपये और परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
वहीं किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा है कि अफसरों से छह राउंड की बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि मृतक के परिवार वालों को सरकार की ओर से 45-45 लाख रुपये दिए जाएंगे।
बताया जा रहा है कि किसानों की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग थी। लेकिन सरकार 45 लाख रुपये पर ही बात मानी। इससे पहले किसान नेता राकेश टिकैत सुबह लगभग साढ़े चार बजे के करीब लखीमपुर पहुंच गए थे और उन्होंने लखीमपुर के एक गुरुद्वारा में किसानों की कमेटी के साथ बैठक की।
इन सबके बीच लखीमपुर खीरी जाकर किसानों से मिलने की कोशिश करने वाले विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में भी ले लिया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा सहित कई नेताओं को बीती रात से लेकर अबतक हिरासत में लिए जाने की खबर आई।
वहीं, घटना को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा कि जिस तरह से इस देश में किसानों (Farmers) को कुचला जा है, उसके लिए लफ्ज ही नहीं है। कई महीनों से किसान (Farmers) अपनी आवाज उठा रहा है कि उसके साथ गलत हो रहा है। सरकार सुनने को राजी नहीं है। जो हुआ वो दिखाता है कि यह सरकार एकदम किसानों को कुचलने की राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को खत्म करने की राजनीति कर रही है। यह देश किसानों का देश है। यह देश बीजेपी की विचारधारा की जागीर नहीं है। जब बल प्रयोग करना पड़ता है तो इसका मतलब है कि इसका नैतिक अधिकार सरकार और पुलिस खो चुकी है।
भाजपा सरकार किसानों को कुचलने की राजनीति कर रही है, किसानों को खत्म करने की राजनीति कर रही है।
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— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) October 4, 2021
इससे पहले बीजेपी सांसद वरुण गांधी खुलकर किसानों के समर्थन में आ गए थे। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर किसानों को मुआवजा, दोषियों के विरुद्ध धारा 302 के तहत कार्रवाई और घटना की सीबीआई जांच की मांग की थी। वरुण गांधी ने कहा था कि आंदोलित किसान भी अपने हैं।
अबतक क्या-क्या हुआ :-
लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र (Ajay Mishra) के बेटे आशीष मिश्र ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर कथित तौर पर गाड़ी चढ़ा दी थी। ये किसान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) का विरोध कर रहे थे। इस घटना में आठ लोगों की मौत हो गई।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र और यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एक कार्यक्रम के लिए लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) पहुंचे थे। इसकी जानकारी जैसे ही कृषि कानूनों (Agriculture Laws) का विरोध कर रहे किसानों को हुई तो वे हेलिपैड पहुंच गए। किसानों (Farmers) ने रविवार सुबह आठ बजे ही हेलिपैड पर कब्जा कर लिया था।
इसके बाद करीब दोपहर 2.45 बजे सड़क के रास्ते मिश्र और मौर्य का काफिला तिकोनिया चौराहे से गुजरा तो किसान काले झंडे लेकर दौड़ पड़े। इसी दौरान भारी बवाल हो गया और इन सबके बीच हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई।