Rais Khan Attack: रईस खान के काफिले पर हमले में एक गिरफ्तार, खुले कई राज, शहाबुद्दीन के बेटे सहित 8 हैं आरोपी

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Rais Khan Attack : (पटना). SIT की टीम ने हुसैनगंज निवासी तबरेज आलम को गिरफ्तार किया है। SIT की टीम ने गोपालगंज के मांझा थाना क्षेत्र से तबरेज को गिरफ्तार किया है। तबरेज ने पुलिस को घटना की कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तबरेज ने पुलिस के समक्ष दिवंगत पूर्व सासंद मो. शहाबुद्दीन के पुत्र ओसामा शहाब का नाम नहीं लिया है। 

हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सिवान-सिसवन मुख्य मार्ग पर चार अप्रैल की देर रात निर्दलीय एमएलसी प्रत्याशी रईस खान के काफिले पर हुए हमला मामले में एसआइटी की टीम ने महुवल निवासी तबरेज आलम को सोमवार की रात गोपालगंज के मांझा थाना क्षेत्र के कोइनी गांव से गिरफ्तार कर लिया। तबरेज इस घटना में लाइनर की भूमिका में और घटना में प्रयुक्त गाड़ी का चालक भी था। पूछताछ के दौरान तबरेज ने पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराते हुए बताया है कि रईस खान के बढ़ते वर्चस्व को लेकर इस घटना को अंजाम दिया गया था।

सिवान एसपी ने की पुष्टि
चार अप्रैल को रईस खान के काफिले पर फायरिंग हुई थी। इस दौरान एक की मौत व चार घायल हो गए थे। ओसामा शहाब सहित आठ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है. इसके अलावा ओसामा शहाब पर मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप लगा है। हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सिवान-सिसवन मुख्य मार्ग पर ये घटना हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गिरफ्तारी को लेकर सिवान एसपी शैलेश कुमार सिन्हा ने पुष्टि की है।

वर्चस्व को लेकर हुई थी घटना
हालांकि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रईस खान ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। तबरेज इस घटना में लाइनर की भूमिका में और घटना में प्रयुक्त गाड़ी का चालक भी था। पूछताछ के दौरान तबरेज ने पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराते हुए बताया है कि रईस खान के बढ़ते वर्चस्व को लेकर इस घटना को अंजाम दिया गया था।

चाप गांव में हुई बैठक
घटना के दिन रईस खान के काफिला पर गोलू सिंह, बाबा, दीपक प्रसाद और साबिर मियां ने अंधाधुंध फायरिंग की थी। तबरेज ने बताया कि घटना को अंजाम देने के लिए बड़हरिया प्रखंड प्रमुख के घर पहली बैठक हुई थी, जहां वह फैसल उर्फ तेजी के साथ पहुंचा था। इसके बाद चांप गांव में आफताब के घर बैठक हुई और तय रणनीति के तहत चार अप्रैल को रईस खान के काफिला पर हमला किया गया। पुलिस ने उसके बयान को दर्ज करने के बाद मंगलवार को उसे जेल भेज दिया।

2007 में अरब गया था, कोविड में घर लौटा था तबरेज

पूछताछ के दौरान पुलिस के समक्ष तबरेज ने बताया कि वह 2007 से अरब में काम करता था। कोविड के कारण वह घर वापस आ गया। इस दौरान वह आशिफ रजा से रुपए लेता था। आशिफ रजा की नजदीकी चांप के आफताब आलम से थी। आशिफ ने ही आफताब आलम से जान पहचान कराई। इसके बाद वह इन सभी के संपर्क में आया। 

रइस खाने ने जमीन के मुनाफे में मांगी थी आधी हिस्सेदारी 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तबरेज ने अपने बयान में पुलिस को बताया है कि आशिफ रजा ने आफताब के साथ मिलकर हुसैनगंज के गोपालपुर में एक जमीन का एग्रीमेंट कराया। गोपालपुर में आशीफ और तबरेज ने काम शुरू किया। तभी कुतुब छपरा निवासी इरशाद इनके पास पहुंचा और तबरेज की बात उसने रईस खान से कराई। रईस खान ने जमीन के कागजात के साथ उसे ग्यासपुर बुलाया। वहां जाने पर बोला गया कि जो भी मुनाफा होगा उसका आधा देना होगा।