छपरा। जिला के मांझी थाना क्षेत्र के गरया टोला गांव स्थित जरती माई मन्दिर के निर्माण को लेकर दो पक्षों के बीच उठे विवाद के बाद जमकर मारपीट हुई, जिसमें छह लोग गम्भीर रूप से जख्मी हो गए। मारपीट के दौरान दोनों पक्षों द्वारा तलवार तथा गंडासे का जमकर इस्तेमाल किया गया। सभी घायलों को पुलिस अभिरक्षा में मांझी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचाया गया जहां पांच घायलों का इलाज चल रहा है जबकि बुरी तरह जख्मी एक ब्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है। घायलों में शंकर चौधरी बलिराम चौधरी राजीव रंजन शशि रंजन योगेश कुमार सिंह तथा कन्हैया यादव आदि शामिल हैं।

बुरी तरह जख्मी कृष्णा चौधरी के पुत्र रविन्द्र चौधरी को छपरा के बाद पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया गया है। एक पक्ष द्वारा लगभग कई राउंड फायरिंग करने का भी आरोप है। हालांकि पुलिस ने घटना स्थल से मात्र एक खोखा ही बरामद किया है। घटना की खबर पाकर पहुंची मांझी थाना पुलिस को आक्रोशित ग्रामीणों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। बाद में स्थिति को बेकाबू होता देख छपरा सदर एसडीपीओ एमपी सिंह, सीओ दिलीप कुमार, बीडीओ नीलकमल ने एकमा, दाउदपुर तथा रिवीलगंज थाना पुलिस को भी बुला लिया।
परिस्थिति को प्रतिकूल होता देख छपरा पुलिस लाइन से एक सेक्शन महिला व पुरुष पुलिस बल को भी बुलाना पड़ा। इधर पुलिस के साथ साथ मुखिया पति शैलेश्वर मिश्रा पूर्व मुखिया विजय सिंह पूर्व जिप सदस्य धर्मेन्द्र सिंह समाज लक्ष्मण यादव निरन्जन सिंह व राजकुमार सिंह आदि अनेक ग्रामीणों ने बीच बचाव हेतु कड़ी मशक्कत की।
गांव के अधिकांश ग्रामीणों का कहना था कि गांव के प्रसिद्ध समाजसेवी स्व शुभ नारायण सिंह ने जरती माई मन्दिर निर्माण हेतु तीन कट्ठा ग्यारह धुर जमीन दान में दिया था। जिसमें मन्दिर के अलावा बरगद पीपल तथा नीम का एक बड़ा पेड़ है। गांव के ही परशुराम चौधरी उस जमीन पर निजी स्तर पर मन्दिर का निर्माण करा रहे थे जिसपर अन्य ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज करते हुए रोक लगा दी। आरोप है कि बाद में उनके परिवार के लोगों ने अचानक हमला बोल दिया जिसमें धारदार हथियार के प्रयोग के अलावा रोड़ेबाजी की गई। लोगों का आरोप था कि भभौली निवासी एक व्यक्ति ने दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग की। गांव में शांति ब्यवस्था बहाल रखने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है।