Patna News : (पटना)। पटना के पीएमसीएच में कैदी की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर बवाल काटा। मृतक के परिजन और ग्रामीण पुलिस पर उसकी पिटाई का आरोप लगा रहे थे। वहीं पिटाई के आरोप को पुलिस की ओर से खारिज किया गया है। घटना पटना के धनरुआ थाना क्षेत्र की है।
यहां के सांडा गांव निवासी रामेश्वर मांझी के पुत्र 28 वर्षीय अशोक मांझी की फुलवारी जेल में अचानक तबीयत खराब होने के बाद शनिवार, 19 फरवरी की रात पीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद धनरुआ थाने की पुलिस ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर जेल भेज दिया। पिटाई की वजह से ही उसकी तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि परिजनों के आरोप को पुलिस ने सिरे से खारिज किया है।
पुलिस का कहना है कि उसकी स्वाभाविक मौत हुई है, लेकिन पुलिस की कहानी को गलत बताते हुए गुस्साए ग्रामीणों ने धनरुआ में दो जगहों पर सड़क जाम कर करीब चार घंटे तक बवाल काटा। इस दौरान जबरन निकल रहे कई बाइक सवारों से जाम कर हंगामा करनेवालों की झड़प भी हुई। दोपहर करीब दो बजे से शुरू हुआ सड़क जाम शाम करीब छह बजे पुलिस और विधायक के समझाने के बाद खत्म हुआ। देर रात तक परिजन शव लेने को तैयार नहीं थे।
पुलिस अभिरक्षा से हो गया था फरार
बताया गया है कि धनरुआ थाना के सांडा गांव निवासी अशोक मांझी को शराब मामले में वर्ष 2017 को धनरुआ थाने की पुलिस गिरफ्तार करने गई थी। पकड़े जाने के दौरान वह पुलिस जिप्सी से कूद कर भाग गया था। पिछले चार साल से वह फरार था। बीते 15 फरवरी की रात धनरुआ पुलिस ने उसे घर से गिरफ्तार कर 16 फरवरी को फुलवारी जेल भेज दिया। फुलवारी जेल अधीक्षक लाल बाबू ने बताया कि जेल में आने के बाद अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। पहले उसे जेल हॉस्पिटल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर आनन-फानन में उसे इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया। बाद में शनिवार की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
4 घंटे बाद जाम हट सका जाम
सड़क जाम की सूचना पर फुलवारीशरीफ के विधायक गोपाल रविदास, पंसस राजकिशोर प्रसाद, मुखिया प्रतिनिधि डब्ल्यू कुमार, मसौढ़ी के एएसपी वैभव शर्मा, धनरुआ सीओ ऋषि कुमार सहित छह थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराने की कोशिश में जुट गई। बाद में विधायक गोपाल रविदास ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर चार घंटे बाद जाम समाप्त कराया। बाद में मृतक के परिजनों को धनरुआ सीओ ने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20 हजार व कबीर अंत्येष्टि के तहत तीन हजार रुपए तत्काल दिए गए। तब जाकर सड़क जाम समाप्त हो सका।
क्या कहती है पुलिस
इस संबंध में धनरुआ थानाध्यक्ष डीएन सिंह ने बताया कि हम अवकाश में घर गये हुए थे। घटना की जानकारी मिलते ही थाने पहुंचकर जाम को समाप्त कराया। जाम करने वाले लोग को उकसाने वाले को चिह्नित कर वैसे लोगों पर पुलिस कार्रवाई करेगी।