पटना। बिहार में हाल में ही पंचायती राज कानून में संशोधन किया गया है। राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद गजट प्रकाशन के साथ ही यह संशोधन अब लागू हो चुका है।अब इस संशोधन के मुख्य बिंदु, अर्थात पंचायत चुनाव फिलहाल स्थगित कर पंचायतों का अधिकार कथित तौर पर नौकरशाहों को दिये जाने की बात कहते हुए इसे पटना उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। याचिका अधिवक्ता प्रियंका सिंह की ओर से दायर की गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसके पूर्व हाईकोर्ट प्रशासन ने ई- मेल से अर्जी दायर करने की अनुमति अधिवक्ता प्रियंका सिंह को दी। बताया जा रहा है कि अधिवक्ता द्वारा अपनी याचिका में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 243 के प्रावधानों के अनुसार पूर्व की पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने के पूर्व नई पंचायत के गठन हेतु चुनाव करा लेना होता है, नहीं तो पंचायत का कार्यकाल समाप्त होते ही पंचायत के सदस्यों का पद स्वतः समाप्त हो जाएगा।
याचिका में यह भी कहा गया है कि ऐसी बाध्यता है कि किसी भी हाल में पंचायत का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ सकता है, जबतक कि संविधान में संशोधन नहीं कर दिया जाए।
उनका कहना है कि पंचायती कानून में संशोधन कर जो प्रावधान लाया गया है, वह संविधान के प्रावधानों के खिलाफ है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि समय पर पंचायत का चुनाव करा ले और चुनाव समय पर नहीं होने की स्थिति में पंचायत का कार्यकाल आगे बढ़ा दिया जाये।