Jawad Cyclone: जवाद तूफान का असर दिखने लगा है। भले ही तूफान रविवार को ओडिशा तट से टकराने वाला हो, लेकिन पुरी में तेज बारिश शुरू हो गई है। तेज हवाएं भी चल रही हैं। सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ की 64 टीमें भी तैनात की गई हैं। वहीं इसका असर बिहार में भी पड़ेगा।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए जवाद तूफान का असर बिहार में भी दिखाई देगा। हालांकि, बाकी प्रदेशों की तुलना में बिहार में चक्रवाती तूफान जवाद का असर कम होगा। मौसम विभाग का कहना है कि तूफान के प्रभाव से 5 दिसंबर को दक्षिण पूर्व बिहार के भागलपुर, बांका, जमुई, मंगुर और खगड़िया सहित 5 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। बाकी जिलों में बादल छाए रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक 7 दिसंबर से रात के तापमान में गिरावट होने लगेगी। इसके बाद ठंड का असर बिहार के 38 जिलों में दिखाई देने लगेगा।
बताया जाता है कि जवाद तूफान की वजह से कल बिहार के कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। ठंड में भी इजाफा हो सकता है। बिहार में दो 2 से 5 डिग्री तक तापमान गिर सकता है। इसे लेकर कटिहार समेत बंगाल से सटे बॉर्डर वाले बिहार के जिलों में रेलवे ने भी अपनी चौकसी बढ़ा दी है।
दरअसल, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हवा का गहरा दबाव चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ में तब्दील हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 65 किमी प्रति घंटा की गति से यह उत्तरी आंध्र प्रदेश तट और ओडिशा तट पर टकराएगा। इसका असर तटों पर टकराने के 12 घंटे बाद तक रहेगा। उससे भी अधिक देर रह सकता है।
दूसरी ओर, जवाद तूफान को लेकर रेलवे भी अलर्ट मोड में आ गया है। तूफान को लेकर एनएफ रेल मंडल भी विशेष सतर्कता बरत रहा है। कटिहार रेल मंडल होकर दक्षिण भारत से आने व जानेवाली सभी ट्रेनों को अगले आदेश तक के लिए रद्द कर दिया है, जिसमें कटिहार रेल मंडल से होकर गुजरने वाली करीब आधे दर्जन से अधिक ट्रेनों को रद्द किया गया है।
भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने चक्रवात ‘जवाद’ को ध्यान में रखते हुए 4 और 5 दिसंबर को चलने वाली कई ट्रेनें रद्द करने का फैसला किया है. इस चक्रवाती तूफान से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के भी प्रभावित होने की संभावना है.
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और चक्रवात जवाद को देखते हुए इन ट्रेनों को 4 और 5 दिसंबर, 2021 को रद्द करने का निर्णय लिया गया है –
कटिहार रेल मंडल के एडीआरएम चौधरी विजय कुमार ने बताया कि जवाद तूफान को लेकर कटिहार रेल मंडल पूरी तरह से सतर्क है।