पटना। राज्य में पंचायत चुनावों के लिए नामांकन चल रहा है। नामांकन के दौरान तरह तरह के नजारे देखने को मिल जस रहे हैं। इसी कड़ी में प्रदेश के जहानाबाद जिले के घोषी प्रखंड मुख्यालय पर एक ऐसी घटना हुई, जिसे देख सभी हैरान रह गए। यहां नामांकन करने पहुंची एक महिला प्रत्याशी की मांग में उसके देवर ने भरी महफ़िल में सिंदूर डाल दिया।
महिला प्रत्याशी विधवा है, जिसके पति की लगभग दो वर्ष पहले मौत हो चुकी है। वह गांव वालों के साथ आज पंचायत चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करने आई थी। प्रत्याशी को समर्थक माला वगैरह पहना रहे थे, तभी उनलोगों के साथ वहां मौजूद उसके देवर ने अपनी भाभी की मांग में सिंदूर भर दिया। यही नहीं, बल्कि दोनों ने अपनी मर्जी से शादी करने का वहीं एलान भी कर दिया।
इस तरह प्रखंड कार्यालय में ही देवर-भाभी की शादी हो गयी।
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देवर ने विवाह मंडप के बजाय सरकारी दफ्तर में भाभी की मांग में सिंदूर भर दिया, हालांकि वहां मौजूद लोगों ने दोनों की खूब सराहना की। लोगों ने वहीं दोनों को शुभकामनायें भी दी। लोगों ने देवर को खास तौर पर शाबासी दी और कहा कि उसने ऐतिहासिक काम किया है।
नामांकन करने पहुंची महिला प्रत्याशी का नाम रेखा देवी है। रेखा देवी घोषी प्रखंड के शाहपुर पंचायत के डहरपुर गांव की रहने वाली हैं। दो साल पहले उसके पति का निधन हो गया था। विधवा रेखा देवी अपने ससुराल में ही रह रही थी। जवान विधवा की हालत देख कर परिवार ही नहीं, बल्कि गांव के लोग भी दुखी होते थे।
इस दफे जब पंचायत चुनाव होने लगे तो आस पास के लोगों ने ही कहा कि वह वार्ड सदस्य का चुनाव लड़े। हालांकि, रेखा देवी चुनाव लड़ने को तैयार नहीं थी, लेकिन लोगों ने जब बहुत जोर डाला तो वह नामांकन करने को तैयार हो गयी।
रेखा देवी के पंचायत में नामांकन का आज आखिरी दिन था। वह प्रखंड कार्यालय में अपने गांव के लोगों के साथ नामांकन करने पहुंची।
नामांकन करके जैसे ही बाहर निकली उसके देवर ने अपनी भाभी की मांग में सिंदूर भर दिया आस-पास के लोगों ने भी ताली बजाकर इसका स्वागत किया और फिर दोनों को आशीर्वाद दिया।
उधर, इस शादी से उनके परिवार वाले भी खुश हैं। विधवा महिला की शादी से उसके ससुर वीरेंद्र प्रसाद तो काफी खुश थे। उन्होंने कहा कि घर में विधवा बहू को देख कर उन्हें बहुत कष्ट होता था। अब जब उनके बेटे ने अपनी मर्जी से विधवा भाभी से शादी कर ली तो उन्हें बहुत तसल्ली मिली है। बहू को फिर से पति मिल गया है औऱ बेटे को भी पत्नी मिल गयी है।
उधर गांव में भी खबर फैल गयी. दोनों जब तक प्रखंड कार्यालय से लौट कर आते तब तक गांव की महिलाओं ने उनके स्वागत का इंतजाम कर लिया था. महिलाओं ने मंगल गीत गाते हुए गांव में दोनों का स्वागत किया.