पटना। एक तरफ जातीय जनगणना की मांग जोर पकड़ रही है तो दूसरी तरफ जनसंख्या नियंत्रण कानून की। तमाम विपक्षी दलों के साथ एनडीए में शामिल जदयू भी जातीय जनगणना की मांग कर रही है तो दूसरी तरफ बीजेपी के कुछ प्रदेश स्तरीय नेता जनसंख्या नियंत्रण कानून के पक्ष में बयान दे रहे हैं जबकि जदयू की ओर से जनसंख्या नियंत्रण कानून के पक्ष में अबतक कोई बयान नहीं आया था।अब जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा बयान दिया है।
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण कानून अपनी जगह है लेकिन हमने तो बिना किसी कानून के ही जनसंख्या नियंत्रण को लेकर काम शुरू किया और इसके अच्छे नतीजे भी आए हैं।उन्होंने कहा कि इसका नतीजा आया कि अगर पत्नियां पढ़ी होंगी तो प्रजनन दर अपने आप घटेगी। हमलोग इसी पर चल रहे हैं।
नीतीश ने कहा कि बिहार में प्रजनन दर चार से भी अधिक था और हमलोगों ने महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया, जिससे यह तीन पर पहुंच गया है। अगले पांच-सात साल के अंदर बिहार की प्रजनन दर दो पर पहुंच जाएगी।
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रम के बाद अधिवेशन भवन में वे मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण पर तो कोई भी कुछ कहते हैं तो इसमें हमारा क्या मतलब है। हमलोग तो अपना काम बता सकते हैं। इस सवाल पर की विपक्ष के बड़े-बड़े नेता दिल्ली में मिल रहे हैं और वर्ष 2024 की तैयारी कर रहे हैं, मुख्यमंत्री ने कहा कि जाने न दीजिए, इससे हमारा क्या मतलब है।