सीएम योगी आदित्यनाथ के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य के घर जाने के क्या हो सकते हैं निहितार्थ!

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लखनऊ। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के घर जाने और वहां दोपहर का भोजन करने को लेकर बताया गया कि उनके पुत्र के विवाह की बधाई देने के लिए सीएम गए थे। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के लगभग साढ़े चार साल में पहली बार उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के घर पहुंचने और उनके घर पर साथ भोजन करने के कई राजनीतिक निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सीएम के साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सर कार्यवाह कृष्णगोपाल, महामंत्री संगठन बीएल संतोष सहित कोर कमेटी के सदस्य भी मौजूद थे।

वैसे तो बताया जा रहा है कि योगी डिप्टी सीएम केशव मौर्य को बेटे की शादी की बधाई देने के लिए पहुंचे थे। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री सरकार और संगठन में एकता का संदेश देना चाहते हैं। बीते दिनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बयान दिया था कि यूपी में मुख्यमंत्री का मसला चुनाव के बाद तय किया जाएगा।

मौर्य के इस बयान के बाद कई तरह की राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था। राजनीतिक विश्लेषक कहने लगे थे कि राज्य में पार्टी नेतृत्व के मुद्दे पर बंटी नजर आ रही है। माना जा रहा है कि मौर्य के घर इस दौरे से योगी ने पार्टी में एकता का संदेश दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का अनुसार यह तथ्य भी रेखांकित करने योग्य है कि सोमवार 21 जून को पूर्व नौकरशाह अरविंद कुमार शर्मा ने भी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को पत्र लिखकर उपाध्यक्ष बनाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया था। पत्र में उन्होंने यह संदेश भी दिया था कि यूपी का 2022 में आगामी चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। उन्होंने कहा था कि योगी जी के नेतृत्व में भाजपा 2017 से भी बड़ी सफलता इस बार के चुनाव में दर्ज करेगी।

वहीं मुख्यमंत्री योगी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के घर जाने को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा यह कहा जा रहा है कि यह सरकार की तरफ से आल इज वेल का संदेश देने की कोशिश भी हो सकती है। हालिया दिनों में बीजेपी यूपी के चुनाव को लेकर सटीक रणनीति बनाने में जुटी हुई है। पार्टी जुलाई से पूरी तैयारी के साथ चुनावी मैदान में कूदने की तैयारी कर रही है।