मधुबनी। एक तरफ दावा किया जाता है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल-नल योजना पूरे बिहार मे अच्छी तरह काम कर रही है और हर-घर को जल मिल रहा है। सरकार और पदाधिकारियों द्वारा गुणवता पूर्ण काम पूरा होने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि कई जगह धरातल पर हकीकत कुछ और ही नजर आती है। जिला में कई जगह काम अधूरा है एवं कई जगह ग्रामीणो द्वारा गुणवता पूर्ण काम नही होने की शिकायत मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गड़बड़ी की पदाधिकारियो से शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। अब इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।
ऐसा ही गड़बड़ी का एक मामला मधुबनी जिला के रहिका प्रखंड के गाँव डुमरी के चौधरी टोला वार्ड नंबर 12 से प्रकाश मे आया है। जहाँ ग्रामीणो ने नल-जल योजना के अन्तर्गत हो रहे जलमीनार निर्माण मे टैंक एवं अन्य सामग्री डुप्लीकेट लगाने का आरोप लगाया है।
ग्रामीण दशरथ चौधरी ने बताया कि दो साल पहले नल जल योजना के अन्तर्गत जलमीनार के निर्माण हेतु जमीन उपलब्ध नही रहने पर दिक्कतों को देखते हुए हमने जलमीनार निर्माण हेतु अपनी जमीन मुखिया से बात करके दी। फिर भी काम की शूरुआत नहीं की गई। कई बार वरीय पदाधिकारियों के शिकायत के बाद काम तो शुरू हुआ लेकिन इस काम मे काफी गड़बड़ी की जा रही है। उनका आरोप है कि जलमीनार के निर्माण मे प्रयोग की जाने वाली टैंक एवं अन्य सामग्री डुप्लीकेट लगाई जा रही है।
वहीं जलमीनार निर्माण मे डुप्लीकेट सामान लगाने की पुष्टि करते हुए कुछ अन्य ग्रामीण कपिलदेव चौधरी,रणधीर कुमार चौधरी,केदार चौधरी,रामलाल चौधरी,प्रदीप चौधरी ने बताया कि जलमीनार के ऊपर लगाने के लिए आए हुए पांच हज़ार लीटर की क्षमता वाली टैंक मे आईएसआई मार्का मशहूर कंपनी आशीर्वाद का मोहर लगा हुआ है, जिसे हाथ से मिटाने पर मिट रहा है। साथ ही लोहे के पाइप में टाटा की जगह दिग्भ्रमित करते हुए आटा लिखा हुआ है, जिससे शक हुआ की यह सभी सामान डुप्लीकेट है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यहाँ नल जल योजना मे हो रहे कार्यो मे मिलीभगत से ओरिजनल की जगह डुप्लीकेट सामान लगाने का खेल खेला जा रहा है। ग्रामीण रणधीर कुमार चौधरी ने बताया कि जलमीनार मे लगाए जा रहे टैंक की ओरिजनलिटी के लिए हमने आशीर्वाद कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर से भी पुष्टि की है तो उन्होने इसे डुप्लीकेट बताया एवं उन्होने यह भी बताया आशीर्वाद कंपनी द्वारा पांच हज़ार लीटर की क्षमता वाली टैंक की निर्माण ही नही की जाती है। आशीर्वाद कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर से बात करने एवं उसको टैंक व उसपर लिखे गए नाम की फोटो भेजने का मेरे पास व्हाट्सएप चैट भी मौजूद है जिसमे कंपनी ने टैंक की डुप्लीकेट होने की पुष्टि की है। ग्रामीणों का आरोप है कि इन सभी बातो की शिकायत पदाधिकारियों से करने के बावजूद कार्रवाई नही हो रही है।