छपरा। छपरा शहर के 20 हजार घरों में पाइपलाइन के जरिए कुकिंग गैस की जल्द ही आपूर्ति शुरू हो जाएगी। सांसद राजीव प्रताप रूडी के प्रयास से प्रारंभ हुई 900 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वकांक्षी परियोजना का लगभग 80 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना को लेकर सांसद श्री रूडी और सारण जिलाधिकारी डॉ नीलेश देवड़े ने ने आज IOCL के दिल्ली, बिहार और सारण के अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की।

सांसद ने निर्देश दिया कि पाइपलाइन के लिए काटे गये पथ निर्माण विभाग के चैनलों को बरसात के पूर्व अविलम्ब भर दिया जाय। वहीं IOCL ने कोविड के कारण पाइपलाइन से गैस आपूर्ति की प्रक्रिया में हुए विलम्ब पर खेद जताया। इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूर्ण होते ही सारण जिला गैस पाइपलाइन के मामले में राज्य में सबसे बड़े नेटवर्क वाला जिला बन जाएगा।
सांसद श्री रूडी ने बताया कि अगले तीन वर्ष में चार लाख घरों की रसोई में पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ ईंधन पहुंचने लगेगा। उल्लेखनीय है कि विगत 8 मार्च 2019 को योजना का शिलान्यास हुआ था। इसके तहत 838 इंच किलोमीटर पाइपलाईन बिछाने का लक्ष्य है, जिसमें सारण के शहरी क्षेत्र में 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसके साथ ही CNG की आपूर्ति के लिए सारण में 26 स्टेशन बनेंगे। वहीं मढ़ौरा के लिए विशेष औद्योगिक और वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति की जाएगी।
इसके साथ ही दिल्ली और मुम्बई की तर्ज पर छपरा में भी सीधे पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति होगी।
इसमें पर्यावरण के अनुकूल स्वच्छ ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित हो गई है। वर्चुअल समीक्षा बैठक में छपरा विधायक डा सीएन गुप्ता, अमनौर विधायक मंटू सिंह, सारण के जिलाधिकारी डा निलेश रामचन्द्र देवरे, उप विकास आयुक्त, जिला कल्याण पदाधिकारी, एनचएआई के परियोजना निदेशक, कार्यपालक अभियन्ता पथ प्रमण्डल छपरा, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक, सुरेंद्र राय के साथ ही सीटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन परियोजना के दिल्ली से मुख्य महाप्रबंधक राज जुत्सु, उप महाप्रबंधक पवन सिन्हा, एस के शर्मा, ईडी एवं पटना से ईडी एस के नंदी और सारण में योजना के सीनियर मैनेजर अनीश कुमार समेत IOCL के अन्य अधिकारी और इंजीनियर सत्येन्द्र कुमार उपस्थित थे।
इस संदर्भ में सांसद रुडी ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीति का सुखद परिणाम है रसोई गैस पाईपलाइन। इस योजना के तहत अब सारण की जनता को भी उनके रसोई घरों में पाईपलाइन के माध्यम से स्वच्छ ईंधन उपलब्ध होगा। श्री रुडी ने बताया कि मुजफ्फरपुर से सीधे जुड़ने वाली इस 900 करोड़ की लागत वाली परियोजना में 838 इंच किलोमीटर पाइपलाइन बिछाया जाना है, जिसमें से सारण के शहरी क्षेत्रों में लगभग 80 फीसदी पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। शेष शीघ्र ही पूरा कर लिया जायेगा।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत व्यक्तिगत और व्यावसायिक परिवहन के साधनों में सीएनजी की आपूर्ति के लिए भी 40 से अधिक स्टेशनों की स्थापना की जानी है जिसमें से 26 सारण में होंगे। इससे जहां चार लाख घरों में सीधे पाइपलाइन के माध्यम से घरेलू गैस की आपूर्ति की जायेगी वहीं आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ औद्योगिक उपभोक्ताओं को भी गैस की आपूर्ति होगी।
श्री रुडी ने कहा कि योजना से हर घर स्वच्छ ईंधन के साथ ही वाणिज्यिक और औद्योगिक रूप से भी यह फायदेमंद होगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक गैस न केवल एक स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन है, बल्कि इसके उच्च ऑटो-इग्निशन तापमान, कम ज्वलन शीलता रेंज और हवा की तुलना में हल्का होने के कारण उपयोग करने लिए सुरक्षित और सुविधाजनक है। एक सस्ता ईंधन होने के अलावा CNG से चलने वाले वाहनों का रखरखाव लागत भी कम रहता है। विदित हो कि सांसद रुडी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर योजना का विस्तार सारण तक करने का आग्रह किया था। श्री रुडी के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप ही वर्ष 2019 में छपरा को गैस पाइपलाइन का यह बड़ा तोहफा मिला और 8 मार्च को योजना की आधारशिला रखी गई।