Kartik Purnima : कार्तिक पूर्णिमा पर बिहार में यहां लगता था पियक्कड़ों का मेला, जानें क्या है माजरा

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Kartik Purnima : सारण जिला (Saran) में एक स्थान ऐसा भी है जहां कार्तिक पूर्णिमा (Kartik purnima) पर कभी पियक्कड़ों का मेला (Piyakkadon ka mela) लगता था। हालांकि, राज्य में शराबबंदी (Sharabbandi) और अन्य कारणों से आई जागरूकता के कारण अब यह परंपरा खत्म हो गई है लेकिन प्रशासन और क्षेत्र के बुद्धिजीवी सतर्क हैं।

बता दें कि कार्तिक पूर्णिमा के अगले दिन सारण जिला के मशरक प्रखंड (Masharak news) के बरवाघाट (Barwaghat) में घोघारी नदी (Ghoghari river) के तट पर मेला लगता है। बुजुर्ग ग्रामीणों के अनुसार पूर्व में नारायणी गंडकी का यह तट प्रभु श्रीराम के जनकपुर यात्रा के बाद से चर्चित हुआ। जब श्रीराम के चरण का स्पर्श पाते ही नारायणी नदी का जल कम हुआ और भगवान ने आगे की यात्रा प्रारंभ की।

जनश्रुति है कि तबसे कार्तिक पूर्णिमा के दिन इस नदी के पानी में पैर धोने की परंपरा शुरू हुई। मेला में सुथनी (शकरकंद के तरह का एक कंद) की बिक्री खूब होती थी। तब इसे सुथनिया मेला के नाम से पहचान मिली।

मेला में इसके अलावे लकड़ी के बने ओखल मूसल (अनाज कूटने के काम में आता था) की खरीददारी महिलाएं खूब करती थी। बाद में धीरे-धीरे मेले में पियक्कड़ों का जमावड़ा होने लगा। तबसे इसे पियक्कड़ों के मेला के रूप में लोग जानने लगे।

कार्तिक पूर्णिमा के अगले दिन लगने वाले इस मेला के आसपास खेत, झाड़ी में तंबू तान पिकनिक मनाने वाले लोग शराब और मांस का सेवन जमकर करने लगे। जब से बिहार में शराबबंदी लागू हुई तबसे पुलिस ने लगाम कसना शुरू कर दिया फिर भी पियक्कड़ मेले में लुक छिपकर मौज मस्ती करते रहे।

इस वर्ष मेला परिसर से पियक्कड़ों को दूर करने और शराबबन्दी की धज्जी उड़ाने वालो के खिलाफ कठोर कार्रवाई की रणनीति प्रशासन ने बना रखी है। मढौरा एसडीओ योगेन्द्र कुमार एव डीएसपी इंद्रजीत बैठा द्वारा एक संयुक्त आदेश जारी किया गया है।

इस आदेश से मेला में तीन दंडाधिकारी की मौजूदगी में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है । मशरक थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि आसपास के इलाके एवं सीमा पर सघन तलाशी एवं छापेमारी जारी है। मेला में ब्रेथ एनलाइजर के साथ पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि नशा करने वाले संदिग्ध की फौरन जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, गुरुवार, 18 नवंबर 2021 को मढौरा एसडीओ योगेन्द्र कुमार, डीएसपी इंद्रजीत बैठा, सीओ मशरक ललित कुमार सिंह एवं मशरक थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने मेला स्थल एवं आसपास का निरीक्षण किया। पदाधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि किसी को भी कानून का उल्लंघन नहीं करने दिया जाएगा।