Pragya Singh Thakur : साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का बयान-‘अजान से साधु-संतों को होती है परेशानी’

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Pragya Singh Thakur : विवादित बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाली बीजेपी (BJP) सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने एक बार फिर विवादास्पद बयान दिया है। इस बार उन्होंने नमाजों के दौरान होने वाली अजान के शोर पर आपत्ति जताते हुए बयान दे दिया है। भोपाल से सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा है कि इससे न केवल साधु-संतों का ध्यान भंग होता है बल्कि मरीजों को भी परेशानी होती है।

याद दिला दें कि प्रसिद्ध सिंगर सोनू निगम ने भी कुछ वर्ष पूर्व अजान को लेकर आपत्ति जताई थी। उस वक्त उन्होंने कहा था कि लाऊड स्पीकर की आवाज से सुबह सुबह बहुत परेशानी होती है। सोनू निगम के बयान पर काफी विवाद हुआ था। अब भोपाल की भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने भी इसी तरह का बयान दे दिया है।

सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने मंगलवार, 8 नवंबर की रात एक कार्यक्रम में अपने संबोधन के क्रम में यह बात कही है। यहां उन्होंने अजान के शोर पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला किया। उन्होंने अपनी बात को सही ठहराने के लिए कुछ अजीबोगरीब तर्क भी दिए।

उन्होंने कहा कि सुबह पांच बजे के आसपास तेज आवाजें आने लगती हैं। इससे तमाम बीमारियों के मरीजों की नींद खुल जाती है और उन्हें तकलीफ होती है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में साधु-संतों का साधना का समय भी होता है और आरती भी उसी दौरान होती है। इसके बाद भी सुबह सुबह तेज आवाजें आती रहती हैं।

बता दें कि दो दिन पहले प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने गांधी परिवार पर निशाना साधा था। उन्होंने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा था कि परिवार का एक व्यक्ति राजनीति में चल नहीं पा रहा इसलिए अब पुत्री को भी ले आए हैं, जो नाटक नौटंकी में लगी हुई हैं। सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने यह बयान भोपाल में वाल्मीकि समाज के परिचय सम्मेलन के दौरान दिया.
मंच से लोगों को संबोधित करते हुए दिया था। यहां सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा था, “एक परिवार अभी हमें यूपी में देखने को मिला कि हमारे वाल्मीकि समाज के लिए उन्हे बड़ी पीड़ा हो गई। उस पीड़ा का और कोई कारण नहीं था। एक व्यक्ति जो राजनीति में चल नहीं पा रहा, तो उन्होने एक और प्रयास किया कि कांग्रेस में और कोई नेता तो बचा ही नहीं है। सिर्फ एक परिवार है जो कांग्रेस का नेतृत्व कर सकता है तो उन्होंने
अपनी पुत्री को भी ला दिया जो कभी नाटक नौटंकी कर के कभी मंदिरों में जाती है तो कभी मस्जिद में जाती है कभी ईसाई बन जाती है।”

उन्होंने आगे कहा था कि लेकिन जब उनको वोट का ध्यान आता है तो दिखावा करने में भी यह पीछे नहीं हटते। मैं कहती हूं कि सत्य जीवन क्यों नहीं जीते हो? इतने सालों के शासनकाल में क्यों उनको दलित किया गया, क्यों उनको उनके अधिकार नहीं दिए गए? अब मोदी जी की सरकार आ गई तो उन्हे तकलीफ होने लगी। महर्षि वाल्मीकि जी हमारे भगवान हैं, लेकिन उन्होंने (कांग्रेस ने) कभी भगवान नहीं माना। अगर माना होता तो उन्हें आज दिखावा करने की ज़रूरत नहीं होती।

बता दें कि हाल ही में उन्होने कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे पीसी शर्मा के बारे में भी बयान दिए थे जिसपर काफी विवाद हुआ था।

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