छपरा। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रो में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश एवं नेपाल द्वारा वाल्मीकिनगर बराज से लगातार पानी छोड़े जाने से गंडक नदी सारण तटबंध के निचले इलाकों में पिछले चार दिनों से कहर बरपा रही है।
सोमवार को गंडक के जलस्तर में मामूली वृद्धि हुई लेकिन बाढ़पीड़ितों की परेशानी कम होने का नाम नही ले रही है।सारण तटबंध के निचले इलाकों में बसे पृथ्वीपुर ,सलेमपुर सोनवर्षा ,बसहिया , उभवा सारंगपुर ,रामपुररुद्र 161 आदि गांवों के सैकड़ों घरो में घुसा पानी कम होने का नाम नही ले रहा है जिससे बाढ़पीड़ितों की परेशानी बरकरार है।बाढ़पीड़ित अपने जरूरी साजो सामान एवं मवेशियों के साथ अभी भी सारण तटबंध पर शरण लेने को मजबूर हैं।

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बाढ़पीड़ितों के समक्ष मवेशियों के लिए चारे की समस्या उत्पन्न हो गयी है।वही रामपुररुद्र 161 गांव का सड़क संपर्क एक बार फिर टूट गया है।इस बीच नेपाल द्वारा रविवार को भी 2 लाख 36 हजार क्युसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है जिससे बाढ़पीड़ितों की हालत में फिलहाल सुधार के आसार नही दिख रहे हैं।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि नेपाल द्वारा लगातार पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।उन्होने बताया कि नेपाल द्वारा छोड़ा गया पानी आसानी से निकल जायेगा।