Jitanram Manjhi : बिहार की सियासत में ‘मांझी तूफान’ ने उफान ला दिया। सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) एक तरफ विपक्षी दलों को एकजुट करने में जुटे हैं तो दूसरी ओर जीतन राम मांझी (Jitanram Manjhi) से झटका लगा। हिन्दुस्तानी आवामी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नीतीश कैबिनेट में लघु सिंचाई, SC/ST कल्याण मंत्री रहे संतोष सुमन मांझी (Santosh Suman Manjhi) ने इस्तीफा दे दिया। ‘हम’ (HAM) के संरक्षक जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने 12 जून को तल्खी दिखाई थी। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अपनी पार्टी हम के जेडीयू में विलय का दबाव बनाने का बड़ा आरोप लगाया है।
नीतीश कुमार ‘जदयू’ में ‘हम’ के विलय का बना रहे थे दबाव : संतोष मांझी
इंडिया टीवी से बात करते हुए संतोष सुमन मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार हमारी पार्टी हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा को अपनी पार्टी में विलय करने का दवाब बना रहे थे। भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि हम आगामी चुनाव अकेले लड़ेंगे या फिर किसी के गठबंधन करेंगे। उन्होंने कहा कि हम एक अलग मोर्चा बनाकर भी चुनाव में जनता के बीच जा सकते हैं।
‘पार्टी का विलय हमारे उसूलों के खिलाफ होता’
इस बातचीत में उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार चाह रहे थे कि हमारी पार्टी उनकी पार्टी में विलय कर दे, लेकिन यह कदम हमारे कार्यकर्ताओं के सम्मान और उसूलों के खिलाफ होता है। उन्होंने कहा कि हमने बड़ी मेनहत से अपनी पार्टी का निर्माण किया है और जनता की आवाज बने हुए हैं। अगर हम अपनी पार्टी JDU में मिला देते तो यह आवाज खत्म हो जाती है, इसलिए मैंने कैबिनेट से इस्तीफा देने का फैसला किया।