बिहार: 17 लाख उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा बिजली बिल, मिलेगी राहत या कटेगा कनेक्शन, जानें क्या होगा आगे

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पटना। बिहार के लगभग 17 लाख उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं मिल रहा है, इसे लेकर उपभोक्ता चिंतित भी हैं कि पता नहीं बिल के नॉन पेमेंट के कारण कब बिजली काट दी जाय। इन 17 लाख में से पटना के ही छह लाख उपभोक्ता हैं। बाकी उपभोक्ता दूसरे शहरों के हैं। बिजली का बिल नहीं मिलने के कारण उपभोक्ता उसे जमा भी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसा सर्वर में आई खराबी के कारण हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार गड़बड़ी को दुरुस्त होने में अभी दो-तीन दिनों का समय और लगेगा। इसके बाद ही उपभोक्ताओं को बिजली बिल मिलेगा और वे उसे जमा कर सकेंगे।

हालांकि बिल के नॉन पेमेंट के लिए उपभोक्ताओं को फिलहाल चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसके लिए उनको और समय मिलेगा। वैसे राज्य के ग्रामीण, अर्धशहरी सहित अन्य इलाकों के एक करोड़ 53 लाख उपभोक्ताओं को बिजली बिल मिलने या जमा करने में कोई परेशानी नहीं है।

उधर सर्वर की गड़बड़ी को देखते हुए बिजली कंपनी ने तय किया है कि उपभोक्ताओं को बिजली बिल जमा करने का समय दिया जाएगा। कंपनी ने अभी औद्योगिक प्रक्षेत्र के उपभोक्ताओं (एचटी) को मैनुअल बिल दे दिया है। साथ ही व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी मैनुअल बिल दिया जा चुका है। जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को 20 अगस्त से बिल मिलने लगेगा। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को उसे जमा करने का समय दिया जाएगा। बिल पर ही दर्ज रहेगा कि उपभोक्ता कब तक उसे जमा कर सकेंगे और किस तिथि के बाद उनको जुर्माना के साथ बिल जमा करना होगा। कंपनी की कोशिश है कि उपभोक्ताओं को बिल जमा करने में परेशानी नहीं हो।

मिली जानकारी के अनुसार कंपनी बिजली बिल दो तरह के सॉफ्टवेयर पर जेनरेट करती है। रि-स्ट्रक्चर्ड एक्सेलेरेटेड पावर डेवलपमेंट रिफॉर्म्स प्रोग्राम (आरएपीडीआरपी) के तहत राज्य के लगभग छह दर्जन शहरों में काम हुए थे। इन शहरों के उपभोक्ताओं को एसएपी सॉफ्टवेयर के माध्यम से बिजली बिल दिया जाता है। पिछले दिनों अचानक से इस सॉफ्टवेयर में खराबी आ गई। फाइल में गड़बड़ी के कारण उपभोक्ताओं का बिजली बिल जेनरेट करने में परेशानी हो गई। सॉफ्टवेयर कंपनी के कर्मी दिल्ली से आकर इसे दुरुस्त करने में लगे हैं। सर्वर में खराबी के कारण जिन उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं मिल रहा है, कंपनी ने इंजीनियरों को साफ कहा है कि भुगतान नहीं होने के आधार पर उनकी बिजली न काटी जाए। स्थानीय अधिकारी इसे सुनिश्चित करेंगे।